आज १५ अगस्त  है ,आज से  73 साल पहले हमारा देश भारत  अंग्रेजो की गुलामी से आजाद हुआ था,इस आजादी के लिए हमारे कई क्रन्तिकारी अपने प्राणो को  न्योछावर कर दिया, बहुत संघर्ष के बाद वो दिन  आखिर आ ही  गया जिसका  हर भारतवासी बेसब्री  से इंतज़ार कर रहा था ,१५ अगस्त सन  १९४७ वो  दिन था जिस दिन अंग्रेज भारत छोड़ कर भागे थे और हमारा देश आजाद हुआ था,इस क्रांति  शुरुआत सन १८५७ में हो गयी थी, इस क्रांति  शुरुआत मंगल पांडेय ने किया था /

दोस्तों आज समय बदल गया ,भारत अब आजाद है , भारत तो आजाद हो गया लेकिन भारत की गरीबी आज भी लोगो को गुलाम बनने पर मजबूर कर रही है / हमारे किसान भाई आज भी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे है /
भारत के पहले  प्रधान मंत्री :-
अंग्रेजो से आजादी  के बाद सबसे पहले भारत के प्रधान मंत्री  पंडित जवाहरलाल नेहरू बने थे और उस दिन से १५ अगस्त  त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा 


आजादी में महिलाओंका  योगदान :-
      हमारे देश को आजाद कराने में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
भारत को आजाद कराने के लिए जिस तरह भारतीय पुरुषों ने अपना जोर दिखलाया उसी तरह भारतीय महिलाओं ने भी पुरुषों का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। हमारी झाँसीकी रानी लष्मीबाई ने तो अंग्रेजों को धूल चटा दिया था।
*😊सुंदरता हो न हो ,*
*सादगी होनी चाहिए ,*
*खुशबू हो न हो ,*
*महक होनी चाहिए ,*
*रिश्ता हो न हो ,*
*बंदगी होनी चाहिए ,*
*मुलाकात हो न हो ,*
*बात होनी चाहिए ,*
*यूं तो उलझे है सभी अपनी* *उलझनों में,*
*पर सुलझाने की कोशिश हमेशा* *होनी चाहिए*
जय हिन्द
भारत माता की जय
वंदे मात्ररम
मोमबत्तियां बुझ गयी,चिराग तले अंधेरा छाया था

फांसी के फंदे पर जब तीनों वीरो को झुलाया था
भगत सिंह, राज गुरु और सुख देव सिंह के मन को और कुछ ना भाया था,
हँसते हँसते देश की खातिर,फाँसी के फंदे को गले लगाया था,
तीनो के साथ आज एक बड़ा सा काफिला था
भारत वर्ष में लगा जैसे मेला कोई रंगीला था
लेकर जनम उन्होंने इस पावन धरा पर ,अपना फर्ज निभाया था
हँसते हँसते देश की खातिर फाँसी को गले लगाया था

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